नागपुर के धंतोली से 57 वर्षीय महिला लापता पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मामला  तलवार की धमकी देकर मेट्रो का सामान लूटने की कोशिश नवीन कामठी पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा  नागपुर के कलमना में दुकान से 1.64 लाख रुपये का स्क्रैप चोरी चंद्रपुर के तीन आरोपी गिरफ्तार  पावरग्रिड के क्षेत्रीय मुख्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का शुभारंभ  नागपुर में चोरी की कोशिश दुकानदार पर चाकू से हमला दो बालकों पर केस दर्ज  नागपुर में तड़ीपार आरोपी गिरफ्तार प्रतिबंधित क्षेत्र में घूमते मिला  बेलतरोडी में घरफोडी अज्ञात चोरों ने 9.12 लाख रुपये का माल उड़ाया मामला दर्ज  पारडी में अज्ञात ट्रक चालक की टक्कर से राहगीर की मौत मामला दर्ज  मध्य प्रदेश पवेलियन बना आईटीबी एशिया 2026 का मुख्य आकर्षण  सीताबर्डी में तेज रफ्तार एक्टिवा चालक ने बुजुर्ग साइकिल सवार को मारी टक्कर आरोपी फरार मामला दर्ज  नागपुर तड़ीपार आरोपी और चाकू के साथ गाली गलौज करने वाला गिरफ्तार

धार्मिक रूपांतरण या झूठा आरोप? ननों की गिरफ्तारी ने उठाए सवाल

Published on 1 August 2025
news image for धार्मिक रूपांतरण या झूठा आरोप? ननों की गिरफ्तारी ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से 26 जुलाई 2025 को केरल की दो कैथोलिक ननों — सिस्टर प्रीति मैरी और सिस्टर वंदना फ्रांसिस — को कथित धार्मिक रूपांतरण और मानव तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। यह मामला देशभर में विवाद का कारण बन गया है, जहां धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों ननों को अदालत में पेश किया गया, लेकिन 30 जुलाई को दुर्ग जिला सत्र न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत, बिलासपुर को स्थानांतरित कर दिया।

इस घटना में नया मोड़ तब आया जब जिस युवती के आधार पर गिरफ्तारी की गई, उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि उसे कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने झूठा बयान देने के लिए दबाव डाला था। युवती ने दावा किया कि वह ननों के साथ स्वेच्छा से यात्रा कर रही थी और उस पर किसी प्रकार का धर्मांतरण का दबाव नहीं डाला गया था। यह बयान पूरे मामले की वैधता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इससे पहले बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने धार्मिक रूपांतरण का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया था।

इस गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों और अल्पसंख्यक समुदायों में भारी नाराजगी देखी गई। संसद में भी इस मुद्दे को उठाया गया, जहां इसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के दमन का प्रयास करार दिया गया। केरल सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और आरोपियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने की बात कही।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला न केवल धार्मिक स्वतंत्रता बल्कि देश की न्याय व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। यदि ननों को झूठे आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, तो यह न केवल कानून का दुरुपयोग है, बल्कि एक खतरनाक मिसाल भी बन सकती है। यह घटना यह दर्शाती है कि किस प्रकार धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण के चलते निर्दोष लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

अब जबकि मामला एनआईए अदालत में है, देशभर की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पीड़ितों को न्याय मिलेगा और क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या भारत में धार्मिक सहिष्णुता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा वास्तव में हो पा रही है?

news image for Mahalaxmi Infra

साप्ताहिक समाचार

See More
नागपुर में चोरी की कोशिश दुकानदार पर चाकू से हमला दो बालकों पर केस दर्ज
गोवंशीय पशुओं को क्रूरता से बांधने का मामला ₹1.60 लाख का माल जब्त
नागपुर के यशोधरानगर में Hit and Run कार की टक्कर से 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत
नागपुर में तड़ीपार आरोपी गिरफ्तार प्रतिबंधित क्षेत्र में घूमते मिला
बेलतरोडी में घरफोडी अज्ञात चोरों ने 9.12 लाख रुपये का माल उड़ाया मामला दर्ज
पारडी में अज्ञात ट्रक चालक की टक्कर से राहगीर की मौत मामला दर्ज
खापरखेडा में कार का दरवाज़ा अचानक खोलने से हादसा महिला की मौत चालक के खिलाफ मामला दर्ज
मध्य प्रदेश पवेलियन बना आईटीबी एशिया 2026 का मुख्य आकर्षण
सीताबर्डी में तेज रफ्तार एक्टिवा चालक ने बुजुर्ग साइकिल सवार को मारी टक्कर आरोपी फरार मामला दर्ज
नागपुर तड़ीपार आरोपी और चाकू के साथ गाली गलौज करने वाला गिरफ्तार
news image for BIDM